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Saturday, April 16, 2011

Yakshini and chetak sadhana Maha Visheshank



प्रिय मित्रों ,
 आप सभी तंत्र कौमुदी  के  th अंक का इंतज़ार कर रहे हैं , हम सभी भी इस अंक को  आप के  लिए जितना बेहतर  और   साधना की दृष्टी  से उपयोगी बना सकते हैं  उतना प्रयास कर रहे हैं , जब तक ये अंक आप सभी के पास पहुंचे 

 तब तक  इस आने वाले अंक की कुछ विशेषताए आप के सामने रख रहा हैं ..

1.    यक्षिणी  तंत्र की इतनी अधिक महत्त्व  क्यों हैं , क्या कारण से ये साधना  के बारे में इतना अधिक साधना ग्रंथो में दिया हैं फिर भी लोग इन को  सफलता पूर्वक नहीं कर पाते हैं .

2.    हर साधक  इनको सिद्ध करने की चाह तो मन में लिए रहता हैं ही ,कौन नहीं चाहता की उसे एकमित्र के रूप में  एक इतना उच्च  कोटि  साथीमित्र  रूप में  जीवन प्रत्यंत के लिए  उसके साथ रहे  पर यह संभव  हो  कैसे....

3.    यक्षिणी साधना इतनी  आसान तो हैं पर  बिना उचित मुद्राओं के तो मानो सफलता पूर्वक कर पाना  असंभव  सा हैं, क्या हैं ये मुद्राए .. ओर कैसे , कब  उपयोग  किया जाना हैं  इनको..  

4.    यक्षिणी साधना  में सभी नियम का तो पालन किया पर वह अभी भी प्रगट न हुयी तो क्या आप जानते हैं की किन मुद्राओं के प्रयोग   से यहाँ तक की नाराज़ यक्षिणी  को भी साधक  के सामने आना पड़ता हैं ही , इस तथ्य का  पूर्ण प्रमाणिक ज्ञान प्रायोगिक रूप से ..

5.    इन सौन्दर्य  साक्षात् प्रतिमा  को क्या कोई अपनी जीवन सहचरी  या जीवन साथी के रूप में भी सिद्ध कर सकता हैं ओर पूरा जीवन आनंदमय , मंगलमय बना सकता हैं , अरे ये कैसे संभव हैं , इतनी उच्च कोटि  के वर्ग  से सम्बंधित स्त्री आपके साथ जीवन भर....ये तथ्य आपके सामने  अब आरहा हैं..

6.    यक्षिणी साधना के माध्यम से क्या ज्ञान विज्ञानं के  अनछुए पहलु भी जाने जा सकते हैं क्यों नहीं पर कैसे हो ये ..
7.    क्या इन साधना के लिए भी मनों भाव की क्या आवश्यकता हैं .. इनके बिना चाहे जितनी भी साधना करे सफल साधक हो ही नहीं सकता हैं.

8.    सद्ग्रुदेव प्रसंग में  इस बार क्या . सदगुरुदेव  जी के दिव्य जीवन का कौन सा   दुर्लभ  क्षण खुल रहा हैं ..इनकी तो प्रतीक्षा करने ही पड़ेगी..

9.    आपके लिए आयुर्वेदटोटका विज्ञानं , ज्योतिष से संबंधित  लेख तो हर बार की तरह हैं ही ...


10. स्वर्ण रहस्य , सूत रहस्य  की श्रंखला  तो कमशः  आपके सामने  हर बार की तरह एक नया ज्ञान का आयाम आपके सामने रखेंगी ही..

 मित्रों हम ये अंक ,बृहद नहीं बना रहे हैं  , बल्कि ये कोशिश में लगे हैं की , शाब्दिक जाल से बच कर  जितनी भी  दुर्लभ , अचूक तथ्य आपके सामने रखे जाये जिससे  आप को मनचाही यक्षिणी साधना में हर हाल में सफलता मिली ही. इस दृष्टी से  इन अंक के कुछ पेज कम तो होंगे पर ये अंक आपके लिए ही आगे वाली पीढ़ियों के लिए भी  एक अति बहुमूल्य उपहार होगा ..

हालाकिं समय हमारे पास कम हैं माँ कामख्या कार्यशाला  की तिथि तो अब सामने आ खडी हुए हैं  हम दिन रात कार्य में लगे हुए हैं  समय  की अपनी गति हैं ही .फिर भी हम  मात्र प्रकाशित करने के लिए तो यह अंक प्रकाशित नहीं कर सकते  हैं , जब तक हम स्वयं  संतुस्ट   न हो जाये एक  निश्चित स्तर  तक, तब तक तो इस अंक को हमें अधिक से अधिक बेहतर , आपकी आशयों के अनुरूप बनाना ही हैं .
आप की वेसब्री  हमें ज्ञात  हो  रही आपके द्वारा  लगातार भेजे जाने वाले इ मेल से  ,

पर हम अपने गुरु भाइयों के लिए  जब तक एक श्रेष्ठ  अंक का निर्माण न कर ले उसे , उनके सामने कैसे रख दे?.. आप सभी का विस्वास  की कसौटी  पर खरे  उतरना  योग्य अंक होगा तब तक तो आपको इंतज़ार करना होगा ही,
 मुझे  पूर्ण विश्वास  हैं की ... आप इस  मुस्कुराते हुए इस  अंक की प्रतीक्षा करेंगे ही ...    

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Dear friends ,
we know that  you all are waiting for  the fourth issue of tantra kaumudi .and here we are continuously working  for to make it more and more  valuable and  helpful for  you all  in the view of sadhana.
Till this issue reaches in your hand  here are  some of the specialty  of this issue ….
1.     Why ,there are so many yakshini sadhana mentioned in every sadhana’s holy books and why people are not able to  get successful in that ..

2.     Each and every sadhak have a life time wish in his/her heart that , is it possible to have such  a   beautiful friends related  to uchch  varga   for  whole life . but how this can be possible …


3.     Yakshini sadhana are so easy but without  the proper knowledge  of mudrayen   it is not possible to get success in this sadhana, what are these mudrayen ? and  how and when these have to use ….
4.     We follows all the rules and rituals , but still yakshini  not appeared in front of us, is there any mudryen through which even the angry yakshini  have to come  to appear in front of sadhak as a friend ?, what are they…. First time  releasing this facts ..

5.     Is it possible to have  to get siddhta  in this sadhana in such a way that These most beautiful  become our life partner.. you don’t believe that , but this can be possible .. but how ?     revealing this  dimension and way for you….


6.     Is it possible to  know  higher level of sadhanatmak gyan through theses  yakshini sadhana,  why not ? how this can  be possible….

7.     What will be the mental condition need to have  in this sadhana without that even following all the rules can not gives you success.


8.     In Sadgurudev Prasang-wait what is the unopened page of our sadgurudevji’s divine life opening this time, believe me , many of you  not know about that..

9.     Regular feature like Ayurved, totak vigyan , astrology like always be there.


10.                        The series of great book like SWARNA RAHASYA and SOONTA RAHASY will be  there , and this time they are opening  a new dimension of  divine gyan…just wait 

Friends , for the sake of publishing this 4 th issue , we are  not doing  that ,  until  we here  satisfied  till a certain level the issue reached only than we  can release it, off course you all know that ma kamakhya workshop  is very very near, we here doing our     work day and night , but  the time has its own pace.
 We assure you,that  this may possible ,this issue will not be  of as many as number of pages as previous one, but  this will a issue that will be  a great gift not for you but for coming generation, we are trying for that.
We know that how much you all are eager   to know when we are releasing this issue, from your daily coming mails .
But  without  make  it to be highly valuable and  come  up to the expectation of  our beloved guru brother /sister, how can  be released it?.
 So  till that wait  with smile..and we are confident  you will do…
****NPRU****

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