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Tuesday, April 2, 2013

AKASMIK DHAN PRAPTI - CHINCHINI SADHNA




Money is the most important need of human life. Imagining life without money in today’s modern era will be living in fool’s paradise. When we talk about money, common man put all efforts whatever he can, to earn it. But every effort has got limits. When sadhak takes assistance of sadhna, he can increase this limit multiple times. And when we talk about sadhna efforts, how can we ignore the utility of Parad. Lakshmi element is implicit in mercury and it is our fortune to have one high level Parad idol in our home. But if along with Parad idol, we have Parad Gutika it become marvellous. This divine procedure, based on Parad is capable of opening new avenues for sudden attainment of wealth.

Sadhak should do this procedure on any amavasya Night. It should be done after 10:00 P.M in night.
It is better if sadhak does this procedure in cremation ground. But if it is not possible for sadhak to do sadhna in cremation ground then in such case, sadhak can do this procedure in any uninhabited place.
Sadhak has to wear red dress for this procedure and has to use red aasan. Sadhak should face North direction.
Sadhak should first of all establish Devranjini Gutika in any clay container. In addition to Devranjini Gutika, this procedure can also be done on Dedeepymaan Gutika or Anu Siddhi Golak. First of all, sadhak should do Guru Poojan. After poojan of Lord Ganesha and Bhairav Poojan, sadhak should do poojan of gutika

After completion of Gutika Poojan, Sadhak should chant Guru Mantra. Sadhak should then recite below mantra and offer one red rose on gutika. In this manner, at least 7 roses are to be offered. Sadhak can offer 21, 51 and 108 roses too but 7 roses are compulsory. If sadhak is unable to get red colour rose then he can use other red coloured flowers. Sadhak should try his best to use red roses.

OM KREENG KREENG SHREENG CHINCHINI PISHACHINEE NAMAH

Sadhak should chant 11 rounds of the above mantra by red agate or coral rosary. In case they are not available, sadhak can also use Rudraksh rosary. After that, sadhak should pray to goddess to provide solution to financial problems and to get rid of shortcomings of life. Sadhak should leave flowers and clay container and bring gutika home and establish it in worship place. Very soon, sadhak attains favourable results.
Sadhak should keep the rosary used in this procedure. It can be used in future for doing this procedure again.
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धन मानव जीवन की  आज सबसे बड़ी आवश्यकता हैं,बिना धन के मानव जीवन की आज के  आधुनिक जीवन की कल्पना  करना  एक मृग मरीचिका  ही हैं.जब धन की बात आये  तो जितना  एक सामान्य  मानव से संभव होता  हैं वह  हर संभव प्रयास करता ही हैं .पर हर प्रयास की एक सीमा  हैं पर जब साधक साधना का आसरा लेता हैं तो  वह अपनी  इस सीमा को कई कई गुणा बढ़ा  सकता  हैं.और  जब बात साधनात्मक प्रयासों की आये  तब पारद की  उपयोगिता से कौन इनकार कर सकता हैं .पारद  में स्वयं ही लक्ष्मी तत्व  समाहित हैं  और हमारा सौभाग्य होता हैं की हमारे  घर परिवार में  एक ऐसा  उच्च कोटि का पारद  विग्रह हो,पर विग्रह के साथ साथ  पारद गुटिकाओ की आये तो यह तो सौभाग्य की बात  हैं.पारद पर आधारित यह दिव्य प्रयोग  आपके  लिए  आकस्मिक धन प्राप्ति के नए  नए  द्वार   खोलने में  समर्थ हैं .   

यह प्रयोग साधक किसी भी अमावस्या की रात्री को करे.  समय रात्री में १० बजे के बाद का रहे.
साधक अगर यह प्रयोग स्मशान में करे तो सर्वोत्तम है लेकिन अगर श्मशान  में साधना किसी भी हालत में संभव ना हो तो ऐसी  स्थिति में साधक को यह प्रयोग किसी निर्जन स्थान में करना चाहिए.
इस प्रयोग में साधक को लाल रंग के वस्त्र धारण करने है तथा लाल रंग के आसन पर बैठना है. साधक का मुख उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए.
साधक सर्व प्रथम अपने सामने देवरंजनी गुटिका को किसी मिटटी के पात्र में स्थापित करें.  देवरंजनी गुटिका के अलावा यह प्रयोग देदीप्यमान गुटिका या अणु सिद्धि गोलक पर भी सम्प्पन किया जा सकता है. साधक सर्व प्रथम गुरु पूजन संपन्न  करे. गणेश पूजन, भैरव पूजन को कंर के बाद साधक को गुटिका का पूजन करना है.
साधक को गुटिका का पूजन पूर्ण होने पर गुरु मन्त्र का जाप करना चाहिए. गुरु मन्त्र का जाप करने के बाद साधक को निम्न मन्त्र का उच्चारण कर गुटिका पर एक लाल गुलाब का पुष्प अर्पित करना है. इस प्रकार कम से कम ७ लाल रंग के गुलाब पुष्प को अर्पित करना चाहिए. साधक २१, ५१, १०८ पुष्प भी अर्पित कर सकता है लेकिन ७ पुष्प को अर्पित करना अनिवार्य है. अगर साधक गुलाब के पुष्प प्राप्त न कर पाए तो किसी भी दूसरे लाल रंग के पुष्प ही होने चाहिए साधक को यथा संभव कोशिश करनी चाहिए की लाल गुलाब के पुष्प का ही प्रयोग किया जाए.

ॐ क्रीं क्रीं श्रीं चिंचिणि पिशाचिनी नमः

(OM KREENG KREENG SHREENG CHINCHINI PISHACHINEE NAMAH)

इसके बाद साधक लाल हकीक या मूंगे की माला या अगर यह भी उपलब्ध न हो पाए तो रुद्राक्ष माला से उपरोक्त मन्त्र का ११ माला जाप करना है. इसके बाद देवी को प्रार्थना करें की वह धन सबंधित समस्याओ का समाधान दे तथा जीवन के अभावो को दूर करें. साधक पुष्प तथा वह मिटटी के पात्र को वहीँ छोड़ दे तथा गुटिका को ले कर घर में पूजा स्थान में स्थापित कर दे. साधक को शीघ्र ही अनुकूल परिणामों की प्राप्ति होती है.
साधक को इस प्रयोग में उपयोग की गई माला को अपने पास रखना चाहिए. यह माला का आगे भी यही प्रयोग को दुबारा करने के लिए उपयोग किया जा सकता है.

****NPRU****
 
  

2 comments:

sarma ravindra jandhyala said...

Sir, where can i get these sadhana material.

Sumit Kumar said...

Guru ji
kya koi aisi sadhna hai jis se satte ka number pata chal sake.
Kriya par mujhe bataye