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Tuesday, October 9, 2012

VYAKTI VISHESH KE LIYE VASHIKARAN PRAYOG

 
Shat Karma Prayogs have got their own utility and they are devised to make human life happy and progressive. Though the feeling and aim with which these prayogs are done, person has got its own thinking and reason. A Capable sadhak decides according to circumstances and uses these procedures when he considers himself appropriate. He neither does it upon instigation nor under the compulsion of emotion because effect is always there.

One of the prayogs among Shatkarma Prayog is Vashikaran…..It has been said also that Vashikaran is the process of avoiding bitterness in speech. But it is not possible everywhere in every circumstances…..Sometimes one face certain situations where such efforts of person does not yield any result, one has to take assistance of sadhna. And sadhna only means attaining all that which is not in our fate but it is in accordance with decorum and rules of society.

Vashikaran sadhnas are seen with inferior point of view. A reason is but obvious that these sadhnas have been used in wrong manner but by it, utility of sadhna does not end. It is responsibility of capable sadhak that whenever he gets time, he should keep on doing these sadhnas. Then only continuity in sadhna world can be established.

In today’s time ….because this era is very much influenced by Venus planet. Therefore, person has become more inclined towards the things of enjoyment. Love and affection has got its own importance in life. But if by any reason, circumstances are not becoming favourable then these easy sadhnas have got their own utility in making these circumstances favourable which cannot under-estimated.

But using these sadhnas for destroying anyone’s life or fulfilment of contemptible feelings is not at all right. Doing such things only causes a harm because today time is such that person does prayog on any girl passing by. Do not do like this otherwise person will himself be responsible for wrong doing to any other person.

Dress and Aasan will be yellow.
Day will be Friday. 
It can be done in Morning or Night.
Yellow Hakik Rosary has to be used for chanting mantra.
Use name of desired person (which you want to make it favourable) in place of Amuk. It can be any female, male or officer.

Mantra:
Om Chiti Chiti Chaamundaa Kaali Kaali Mahaakaali Amukam Me Vashmaanay Swaha ||
   
You have to chant mantra 10000 times and after mantra Jap, offer 1000 oblations by this mantra. You can use hawan Samagri available in market. Numbers of days is not fixed but do it in 5 or 7 days because only 100 rounds of mantra have to be chanted.

After completion of prayog, you will feel yourself that how the environment has become favourable. But keep in mind that in such mantra your concentration, dedication and your faith in them plays very important role.
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  षट्कर्म प्रयोगों की अपनी ही एक उपयोगिता हैं और उनका निर्माण भी मानव जीवन को सुखमय और उन्नति युक्त बनाये रखने के लिए हुआ हैं, यह जरुर हैं की किस भावना और उदेश्य को लेकर इन प्रयोगों को किया जाए, उस पर व्यक्ति की अपनी  ही एक सोच  और कारण हो़ता हैं,एक योग्य साधक परिस्थति के अनुसार निर्णय कर अपने आप को जब उपयुक्त समझता हैं तब इन विधाओ का प्रयोग करता हैं न की किसी के  उकसावे मे आकर या  किसी भावना के वश मे होकर क्योंकि प्रभाव तो होता ही हैं .
  इन षट्कर्म प्रयोग मे एक प्रयोग हैं  वशीकरण ..यूँ  तो कहा भी गया हैं वशीकरण एक मंत्र हैं तज दे  वचन कठोर .पर हर जगह हर परिस्थितयों मे  तो यह बात नही हो सकती हैं न ..कई की बार ऐसी परिस्थितयां बन् जाती हैं की  व्यक्ति के हाथ मे प्रयास मात्र  इतने से कुछ नही होता बल्कि  उसे साधना का भी सहयोग लेना ही पड़ता  हैं,और साधना का मतलब ही हैं की जो  मर्यादानुकूल,सामाजिक नियमानुकुल हो उसे यदि वह भाग्य मे न हो  तो भी उसे प्राप्त कर लेना.
वशीकरण साधनाओ  को बहुत ही हेय दृष्टी से देखा जाता हैं कारण भी हैं क्योंकि अनेको ने इस साधनाओ का  दुरुपयोग ही ज्यादा किया हैं.पर इससे  इन साधनाओ की उपयोगिता  तो समाप्त नही हो जाती  हैं.एक सुयोग्य साधक का  कर्तव्य हैं की  जब भी समय मिले इन साधनाओ  को सम्पन्न करता जाए  तभी तो साधना जगत मे निरंतरता बनी रही सकती हैं,
  आज के समय मे...  क्योंकि यह  युग शुक्र ग्रह से कहीं ज्यदा प्रभावित हैं तो जीवन मे  सुख विलास  की चीजों के प्रति व्यक्ति का  रुझान कहीं ज्यादा  होता गया हैं और जीवन मे प्रेम और स्नेह की अपनी ही एक महत्वता हैं पर जब किसी भी कारण  से परिस्थितियाँ साथ न दे  रही हो तब सारी परिस्थिति  को अपने अनुकूल करने के लिए इन सरल  साधनाओ  की अपनी ही एक उपयोगिता हैं जिसे कमतर नही आँका जा सकता हैं .
पर इन साधनाओ का प्रयोग कर किसी का जीवन नष्ट करना या अपनी कुत्सिक  भावनाओं  की पूर्ति कतई उचित नही हैं ऐसा करने पर हानि  ही ज्यादा  होती हैं .क्योंकि आज समय ऐसा हैं कि लोग राह चलती लड़की पर प्रयोग कर दें.ऐसा कतई न करें अन्यथा कुछ भी किसी के साथ अशुभ किये जाने पर व्यक्ति उसका स्वयं ही जबाब देह  होगा .
आसन और वस्त्र पीले रंग के हो .
दिन शुक्रवार का हो
समय प्रातः या रात्रि काल
पीले रंग की हकिक माला मंत्र जप केलिए उपयुक्त होगी.  
अमुक की जगह  इच्छित व्यक्ति का नाम ले  जिसे आप अपने अनुकूल करना चाहते  हैं वह स्त्री, पुरुष,अधिकारी कोई भी हो सकता हैं.
मंत्र:
चिटि चिटि चामुंडा  काली काली महाकाली  अमुकं मे वशमानय  स्वाहा ||
   
  आपको दस हजार मंत्र  करना हैं और मंत्र जप पूरा  होने   के बाद  एक हजार बार इसी मंत्र की आहुति  देना हैं ,आहुति आप  हवन सामग्री मार्केट मे मिलती हैं, वहां से ले आ सकते हैं .दिनों की सख्या निश्चित नही हैं पर आप पांच  या सात  दिन मे पूरा कर ले क्योंकि मात्र  १०० माला  मंत्र जप तो करना हैं .
प्रयोग सम्पन्न होने पर आप स्वयम ही पायेंगे की किस तरह आपके लिए अनुकूल वातावरण  बन् गया हैं, पर ध्यान रहे इस प्रकार के मंत्र मे आपकी एकाग्रता  और निष्ठा  और इनके प्रति आपका विश्वास कहीं जयादा गहरी भूमिका निभाता हैं . 

****NPRU****

3 comments:

amit saxena said...

direction kaunsi hogi ??

Vimlesh Tailor said...

Vashikaran is aastrology techniques and many astrologer are used it i think many time its work and we can get back our love using vashikaran thanks dude.
vashikaran specialist in gurgaon

Baba ji said...

very nice post to vashikaran and get love back by vashikaran mantra.
awesome post to Indian astrology vashikaran mantra knowledge.
great work admin.............