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Tuesday, September 6, 2011

SAABAR LAKSHMI CHETAK TANTRA


एक मनुष्य का यह स्वप्न रहता है की वह अपना जीवन वैभव और विलास मे बिताए. इस के लिए वह जीवनभर आय के विभ्भिन स्त्रोत पर कार्य करते हुए उन्नति की और प्रगतिशील होने के लिए हमेशा प्रयासरत रहता है. जीवन मे भोग और मोक्ष दोनों ही पक्ष समान महत्वपूर्णता को समेटे हुए है. भोग पक्ष को जिसने जाना ही नहीं वह मोक्ष पक्ष को पूर्णता के साथ समज सके यह मुश्किल है. जब किसी को भूख का अहसास नही है तब भोजन की तृप्ति क्या है यह कैसा समजा जा सकता है.
लक्ष्मी से सबंधित साधनाओ मे साबर साधनाओ का महत्व बहोत ही अधिक है, क्यूंकि यह प्रयोग जितने सरल होते है उतने ही तीव्र प्रभावकारी भी. प्रकट प्रभाव महेश प्रतापू – इन साबर मंत्रो के सबंधित कुछ बाते आपसे कहना चाहूँगा
कुछ लोगो ने ये कहा है की इन मंत्रो मे आण (कसम) दी जाती हे देवी देवताओ को की वो कार्य करने को बाध्य हो (जैसे की शिव को त्रिशूल पड़े, हनुमान चढ़े, जटा टूटे वगेरा) तो इन मंत्रो का प्रयोग कितना योग्य है और कितना उचित है?
यहाँ पे ये समजना जरुरी है की आखिर साबर मंत्र कहा से आये है? महासाबर तन्त्र मे शिव खुद ही शक्ति को शाबर मंत्रो का ज्ञान देते है और कहते है की इन सब मंत्रो की रचना मुझसे ही हुई है. आगे दत्तात्रेय और नाथयोगीओ ने शिव की आज्ञा से ही इन मंत्रो की रचना की है और उनकी तपश्या बल से ये मंत्रो को स्वयं सिद्धि का वरदान खुद भगवन भोलेनाथ से प्राप्त हुआ है.
और जहा तक आण की बात है ये आण देवी देवताओ के लिए नही है वरन उन शक्तिओ के लिए होती है जो की हमारा कार्य करती है. और वो भी महादेव की ही शक्तिया. इसका एक अर्थ ये भी मान सकते है की इस प्रकार के मंत्र शिव ने बताये है की कसम इस प्रकार से देने पर इस कार्य को टला नही जा सकता. यही विशेष साबर मंत्रो का रहश्य है.
साबर साधनाओ मे चेटक साधनाए भी अत्यधिक प्रचलित रही है. जैसे यक्षिणी अप्सरा वगेरा गौण स्त्रीशक्तिया मुख्य शक्ति की सेविका और  उपासिका है, वैसे चेटक चेटक देवी देवताओ के पुरुषउपासक और सेवक है. अगर उनके उपाश्य सबंधित मंत्रो का जाप किया जाये तो ये तत्काल प्रसन्न होते है और निर्धारित कार्य को पूरा करते है.
लक्ष्मी से सबंधित कई चेटक साधनाए है जिसमे साबर प्रयोग भी सामिल है. यह प्रगोय करने पर व्यक्ति को कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते है जिनमे आर्थिक उन्नति, व्यापर वृद्धि, आकस्मिक धनप्राप्ति सामिल है ही. साथ ही साथ सबंधित चेटक की साधना मुख्यतः उस समय की जाती है जब लक्ष्मी से सबंधित कोई विशेष इच्छा की पूर्ति करनी हो. चेटक एसी परिस्थितियों का निर्माण कर देता है की वह समस्या तुरंत ही दूर होती है. एसी ही यह अत्यधिक प्रभावशाली साधना को करने पर साधक को सौंदर्य सबंधित लाभ भी प्राप्त होता है

इस साधना को करने के लिए साधक के पास कमलगट्टे की माला होनी चाहिए
इसे शुक्रवार की रात्री मे १० बजे के बाद ही शुरू करे दिशा उत्तर/पूर्व रहे.
वस्त्र और आसान लाल रहे, अपने सामने लक्ष्मी का चित्र स्थापित कर के उसकी सामान्य पूजा करे. धुप दीप और भोग लगाये.
उसके बाद अत्यंत श्रद्धा के साथ निम्न मंत्र की ११ माला जाप करे

ओम लक्ष्मी महादेवी कृपादायिनी सब कार्य साधो मेरे जीवन सिद्धि नमामि ओम श्रीं ह्रीं श्रीं कार्य पूर्ण करो देवी कोष सिद्धिं वाचा महादेव की

यह क्रम ११ दिन तक रहे, इसके बाद साधक इस मंत्र की रोज १ माला दिन या रात मे कभीभी कर ले.
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It is always a human dream to live with prosperity and happiness. For this, one always stays in try to do progress by working on various income sources. In life bhoga and moksha both aspects contains the same importance. The one who is unaware about bhoga it is hard for the same one to understand moksha. One cannot understand importance of the food when they do not know what does the hunger actually means.

Sabar sadhanas related to the lakshmi have a big importance in various sadhanas of same deity. Because these processes are easy in nature but at the same time extremely effective. Prakat prabhav Mahesh pratapu I would like to say few things about this sabar mantra.

Few people said that in this mantra swear is applied to the deities that they must complete our work (like shiva ko trishul pade, hanuman chadhe, jata tute etc) so, how actually chanting of these mantra is appropriate?
Here one thing is essential to be understood is that from where these mantra came to existence? In mahasabartantra shiva himself give knowledge of sabar mantra to shakti and further say that all these mantra came to existence from myself only. More ahead dattatreya and naathyogis meant and spread sabar mantra with order of shiva only and with power of their tenacity the self accomplishment of these mantras were blessed by bholenatha only.
And till swear is concerned in these mantras, those are not for deities but it belongs to the power which work for us. And those powers too are of Mahadeva. One can even take one meaning from this that if one gives swear this way then the task must be accomplished.  This is the secret of special sabar mantras.

Chetak sadhana have even remained famous among sabar sadhana. The way yakshini – apsara are secondary powers and feminine worshipers & maids of the main power, this way chetaks are male worshipers and secondary powers. If one chants mantra related to their deities they becomes happy instantly and completes the wished works of the sadhaka.

There are so many sadhanas related to lakshmi chetak including sabar sadhanas too. By doing this prayog, one may have various benefits like rise in prosperity, business rise, sudden wealth are too included. With this, the sadhana can even be done at the time of special request related to lakshmi. Chetak then will prepare such situations which solve the problem as soon as possible. Such a divine sadhana when done can even give benefits related to beauty.

One should have kamalgatta rosary to accomplish this sadhana

One should start this from the Friday night after 10PM; direction could be north/east.

Aasan and cloth should be red, place picture of lakshmi in front of you, do normal poojan, offer dhoop, gheelamp and bhoga.

After that with devotion chant 11 rosary of the following mantr

Om lakshmi mahaadevi krupaadaayini sab karya saadho mere jivan siddhi namaami aum shreem hreem shreem kaarya purna karo devi kosha siddhim vaachaa mahaadev ki

This should be continues till next 10 days total 11 days. After that sadhak should chant 1 rosary daily of this mantra at anytime.
****NPRU****

1 comment:

Nikhil Devraj said...

प्रिय भाई,
इतना बडा मंत्र तो याद रखना मुश्किल है,
अगर इसको कागज पर लिख लें और जाप के समय अपने सामने रख ले तो कैसा रहेगा ?