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Sunday, September 18, 2011

For Gaining happiness and Success


जीवन में  अनेको ऐसी कठिन  स्थितियां   हैं और  अगर  दूसरी  दृष्टी से देखें  तो क्या सभी  स्थिति के लिए  एक  ही बात  एक   ही  उपाय  ही   करेंगे , मैं  उदाहरण  से  कहूँ  की  कुछ लोगों को   बुखार  हैं  तो क्या  चिकित्सक सभी को एक  ही दवाई  और एक ही  dose  ,हर परिस्थिति में  देता हैं ?? नहीं  न ,ठीक इसी तरह  से भले  ही  एक ही  समस्या  हो  पर सभी के लिए  एक  ही  साधना   ही उपयोगी   होगी , नहीं..... न .....इस लिए  अनेको बार  किसी एक   ही समस्या   के  लिए  अनेको साधना  दी जाती हैं ,क्योंकि   कुछ  के मन में  आ सकता  हैं    की  लीजिये  फिर  उसी समस्या के लिए  एक  और  नयी साधना .
 एक  और बात आप सभी  के सामने   हम रखना   चाहेंगे ,   जो हमारे कई गुरु भाई   बहिनों ने  पूछी   हैं  इनमे हमारे   प्रिय गुरु भाई अमित खन्ना  जी ने  कुछ  प्रश्न  हमसे पूंछे हैं
कि क्या एक साधना  का प्रभाव सारा  जीवन भर  नहीं होता  ?
 क्या  एक बार साधना  सफलता  पूर्वक  कर ली   तो क्या दूसरी बार क्यों  करना  चाहिए क्या  तात्पर्य  हैं ?
क्या एक  ही समस्या  के लिए  बार बार अन्य  साधना   क्यों  की जाये ??
 तो इन सभी बात का  उत्तर  यही हैं   कि   क्या   एक बार खाना  कहने  के बाद क्या  दूसरी बार  पूरे जीवन में  खाना खाने   की जरुरत  नहीं होगी , अगर इस प्रश्न  का   जबाब  यह हैं की  नहीं , जरुरत   तो पड़ेगी ही तो  यदि बात साधना  जगत के लिए भाई....   तो लागु होनी  न , साथ ही साथ  साधना  का  क्या मतलब   हैं???,,साधना में साधना से  आपके  जीवन में एक विशिष्ट  उर्जा का संचार  कर देती हैं अब उसे  आप  जो चाहे   सो नाम  दे , पर  उर्जा  को हम कैसे स्थिर  रख सकते हैं ??, दिन भर के हमारे असत्य . दोष पूर्ण काम , विभिन्न   विचारो के  कारण  यह  पल प्रतिपल  खर्च   होती जाती   ही  हैं तो साधना उर्जा  का  भी    असर भी कम  हो जाता हैं , इस कारण एक बार के  बाद  दूसरी  या  कोई अन्य साधना   फिर भले  ही वह्बार बार  लक्ष्मी  साधना   ही  क्यों न  हो   करना चाहिए  .
 यह एक  दिन का  सौदा   तो नहीं हैं बल्कि साधना   तो एक नया  जीवन  जीने की शेली हैं ही ..
अब जितने भी प्रयोग  दिए जाते हैं  वहां यह मतलब नहीं हैं की सभी  को  आप करें ही बल्कि   जिसे  ,जो भी अच्छा   लगे   ,अपनी परिस्तिथियों  के अनुसार , वह  जिस  भी प्रयोग को अपने लिए  सही  समझता हैं उसे करे .
 तो जीवन में  सभी प्रकार  का आपको  लाभ मिले , सभी   प्रकार की अनुकूलता मिले , अनेको  प्रकार की शुभता   दे सकने में  समर्थ यह प्रयोग  हैं तो छोटा सा हैं पर  यदि इसे कोई अपनी  दैनिक पूजा में शामिल  भीकर लेता हैं तो  उत्तम हैं
मंत्र :
ॐ क्षीं    क्षीं  क्षीं   क्षीं  क्षौं  फट ||
अब  इसके लिए   कोइ विशेष नियम  नहीं हैं  जितना अधिक से अधिक   इसका  जप कर लिया जाये  उतना    ही अच्छा  हैं , फिर भी  किसी भी विशेष  महूर्त  में  5/10 माला  जप और भी लाभ दायक  होगा , यह मंत्र अनेको  ग्रंथो में  आया  हैं , और बहुत  ही प्रशंशा प्राप्त हैं
आज के लिए  इतना ही 
******************************************************************************                       There many difficult situation comes  in our way of  life and if we see them through very different view/angel   than can  we apply same solution in  each and every problem?
Here  for example ,  if  many people  are suffering from fever than a doctor will prescribe same  medicine and same  dose  to all  the person in all situation ?? like the same way  even though the problem is same  but considering  different  different  person   ,the sadhana useful  for them  are also different. Since many of  us  may think , here is again a new sadhana  for same old  problems.
 we would like to place  in front   of you some  views..    about  the  doubts , which has been asked  by many  our  guru brother and sister  .specially our dear  guru brother  Amit khanna ji , asked us  some    question..
Is effect of any sadhana , will  not be  effective for  the rest of life / whole  life??
When we have already successfully  completed any one  sadhana, than  what is  the logic  behind  again doing the same  sadhana again ??
Why  to  go for  diffenrt  different sadhana for   the same problem??.
 Here the answer of  all that  question  is , if  once ,you have  taken/eaten   food than   rest  of the life  you  do not need to take that  again ?? if   answer  is no , we  have   to eat many times,  than  the same  is applicable  to sadhana  field.  what is the sadhana  means/does ,   this  means  through sadhana  a specific energy enter  in  your body, now  you can free  to name   that  ,anything you like , but how   can we  make that  urja stationery…? Due   to various  false activity/wrong action,    and  our thoughts this  energy  get decreasing  in each  and every moments. That means   our sadhana urja  is also  decreasing. That’s why even one sadhana  you have   successful completed  but still you have  to go for  other, so  this  fact is also applicable  for any lakshmi sadhana.
 This  is not a  one day  business  but  sadhana is  a way of life that you have  to live
  Here  so many prayog are given  but that does not means that you have to do all, no… no… but whatever  prayog or sadhana,  you think  suitable  for  you after considering your  circumstances  do that..
 Here   this is very small  prayog that  can  give  or induce many happiness and all round  success  if   you  do  this  with faith and devotion .
Mantra :
 Om ksheem ksheem ksheem ksheem  kshoum  phat .
 And  there is  no  rules and  regulation that  you need to follow. But as much as   jap of this  mantra is helpful  for you ,but on any auspicious  mahurat   do jap of this mantra 5 or 10  mala , and that  will give  you more success., this is  mantra comes/mentioned  in various granth and  found very effective.  
This is enough for today.
****NPRU****

1 comment:

Subodh said...

Pyare Guru bhaiyo ko pranam,
Mae aap sabhi sw kuch prashno ko utar chahta hon. Tantra Kamudi ke 7 ank me Vatalu bhoot sadhna hai aur woh 3 din ki hai, Par usme 101 ek mala ka jaap 3 dino tak karna hai. Mae ek Private sector mae hon aur itni der tak sadhna mae nahi beth sakta. Raat ko bhi mera phone bajta rehta hai aur mere phone uthna jaroori hota hai.

pl kya koi aur esi sadhna hai jo ghar me beth kar kam samay me ki ja sake....