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Tuesday, October 11, 2011

Prayog for improving memory power of your children and you -


हम सभी  के जीवन  में उन्नति का  केबल यही मतलब नहीं होता हैं की   केबल  हम और और  ज्यादा   धन कमाते  जाये  और अपने परिवार को धन धान्य  से  भर दे  बल्कि  हमारी इस परिभाषा  में हमारा  जीवन साथी भी   तो आता  हैं  उसकी प्रसन्नता  भी तो ही हमारी  ही उन्नति का एक आयाम  हैं.. और  क्यों न हो   क्योंकि वह भी  भी  तो अब हमारे  जीवन का  एक भाग   हैं ,  तो उसके  उन्नति  भी जरुरी हैं

 पर क्या   यहाँ पर  उन्नति की परिभाषा  समाप्त   हो जाती है नही नहीं ,बल्कि  परिवार में  तो माता  पिता  और    भी   तो एक आवश्यक  अंग हैं ,  फिर उनके  भी स्वास्थ्य    और प्रसन्नता    भी  एक ओर अनिवार्य   या  अंग  हैं   वह इसलिए   की उन्होंने   हमारी    परवरिश   की हमें इस  योग्य बनाया   की  हम अच्छे   बुरे  का निर्णय ले सके   , हाँ आप यह तो हमेशा  नहीं मान सकते ही  या  सोचसकते हैं   की  हर  चीज  उन्होंने  ही  सिखाई   ही   होगी पर   उन्होंने आपको इतना योग्य तो बना   ही दिया हैं जिससे की आप आगे  के  निर्णय ले सके .

पर यहाँ पर  भी क्या  हमारी  उन्नति   कि परिभाषा   समाप्त  हो गई ,,नहीं नहीं..क्योंकि,  पूरे   परिवार  कि खुशियों का आधार   उस परिवार के बच्चे  ही  होते  हैं  और उनके  जीवन से कितनी न आशाये  माता  पिता  दोनो  ने लगा  रही होती हैं और उन की  कितनी  ही अधूरी  ही इच्छा के तो   बच्चे   ही  केंद्र  होते  हैं,  यहाँ  पर  कोई  मैं  उम्रगत बात नही  कर रहां  हूँ  बल्कि  आप  किसी भी उम्र  में हो अपने माता पिता  के लिए  आप हमेशा से व् ही  ही होंगे .

पर  जैसा  की पुराणिक  युग से आजतक  होता  आया   हैं की सभी चाहते  हैं की  उनके बच्चे बहुत  ही  कुशाग्र    हो  पर अनेक   ज्ञात और अज्ञात कारण से यह संभव नहीं हो पाता    हैं तब सभी  सुविधा के होते  हुए भी   जीवन में  वह रस नहीं आता  बच्चे मेहनत   तो करते  हैं  पर  वह परिणाम   नहीं आ पाता   जो हम  चाहते हैं,  

तो क्या  कोई ऐसा  प्रयोग  हो  सकता हैं   जी इस कमियों  न केबल  दूर कर दे  बल्कि  हमारे बच्चो  को  अत्यंत तीव्र    बुद्धि   युक्त  बन सकने  में कामयाब  कर दे,

  क्यों नही   साधना   क्षेत्र में  जीवन की कौन  से ऐसे  अवस्था  नहीं होगी जिनके बारे मे हमारे मनीषियों  ने  उसे स्पर्श  पूर्णता के साथ  नहीं किया   हो,,

और  चूँकि  दीपावली  आने को हैं तो क्यों  नही  एक ऐसा प्रयोग  जिसके  माध्यम से  हमारे   बच्चे   और  भी ज्ञानवान बनकर  आगे  बढ़  सके  और अपना  जीवन  को एक श्रेष्ठ आयाम दे सके  साथ साथ आप भी एक पूर्ण अर्थो  में  उन्नति  आपको मिल रही हैं आप कह सके ..

 मंत्र ;
ॐ नमः   भगवती  सरस्वती परमेश्वरी  वाग वादिनी |
मम  विद्या देहि , भगवती हंस वाहिनी  समारूढा |
 बुद्धिं  देहि देहि ,प्रज्ञा देहि  देहि , विद्यां  देहि देहि  |
परमेश्वरी सरस्वती  स्वाहा || 

इस प्रयोग  को रवि वार  सुबह से कर सकते  हैं , अब प्रश्न यह हैं की की छोटे  बच्चे कैसे  करेंगे   तो माता  पिता उनके  लिए संकल्प ले कर भी कर सकते हैं यह प्रावधान   तो अनेक साधनाओ  में हैं  ही   और  जो  बच्चे इसको  याद  कर सके  तो अति  उत्तम  होगा ,   हर दिन मात्र  एक माला  कम से कम २१ दिन  तक और आगे भी किया जा सकता  हैं  , और सामने  सरस्वती  देवी का  चित्र    हो उनको  पीले  रंग  के वस्त्र के  ऊपर  ही  आसीन करेसामान्य  साधनात्मक नियमो का पालन करे 


 हाँ यह  जरुर हैं कि   इस साधना  को करते समय  ब्रम्हचर्य  का पालन   तो जरुरी ही  होगा. ..
और  जो बच्चे  बहुत छोटे  हो उन्हें  आप  सरस्वती बीज मंत्र का जप  सिखा सकते हैं सामने सदगुरुदेव का चित्र  रख ले  और  पूर्ण पूजन और   गुरु मन्त्र की 4/16माला   तो करे  ही  फिर मन  ही मन सदगुरुदेव से प्रार्थना   करके  अपने   बच्चे  को सरस्वती बीज मंत्र   सिखा   दे

और  यदि    इसमें  भी कुछ  समस्या   मिलती  हैं या लगती हैं तो सदगुरुदेव  प्रणित  ऐं बीज साधना  के  कैसेट्स  को सुनकर   या  बच्चे   को सदगुरुदेव द्वारा  उच्चरित मंत्र      याद करा  सकते हैं
*******************************************************************************                 When we are saying that we are progressing that does not only means  that we are   earning  more and  more and  fill our  house with every  type of comforts.  But this  definition also include   our  life partner   since he/she  is also a  part of  our life  and  his/her well being is also equally  important , is this   point  the definition stop … no no  still  go ahead  our  mother and father are also included in this definition, their health condition  and  happiness also a  major  important point for  all of  us, since  not  only they  give birth to us  but  also take care of us  and made us  in such away that   we able  to take  decision.  we cannot  always  expect that they taught us everything , but  gave us  enough intelligence  so that what is  right  or wrong we can  wisely decide  and  we can move according  to our wisdom.
  But here again do  we need to think that the definition stop  no no,  one of the major  blessing of  life   is our children   , and they are  the real fountains  of  joy in  our  family,  but what we do  if they are   not come  up to  our expectation,  regarding study, what we all want to have   our  child  a genius, but  due to many  known and unknown reason this is  sometimes not  possible. So   this is the very painful condition in front of  parents,  since  are  the rays of hope  for parents  and  if this rays  are  loosing its  shining than its    not welcome.
 Is there any  sadhana that  can help  to  our children ??why not.. our ancient  rishishs and tantrgy  touched  all the aspect of life , how  they  can forget  such n important  aspect of life.
Here is the prayog
Mantra :

 Om namah  Bhagvati  saraswati parmeshwari vaag vadini | mam  vidya dehi , bhagvati hans vaahini  samaarudha buddhim dehi dehi ,pragya dehi dehi ,vidyam dehi dehi  | parmeshwari saraswati swaha ||
   
 One  must have  to chant 1 round of rosary every day   at least for 21 days   and   the photo  graph of  goddess saraswati should be placed on a  yellow color  cloth in front  of us, and follow all the general sadhantmak rules . and this prayog has  to be started on Sunday morning.
  but one question  still unanswered that   how this can be  done  by small children,  for  that  either you  take a sankalp  from their side and  do the jap or  after  Sadgurudev purn poojan and  4/16 round of rosary   of  guru mantra , mentally  ask permission to sadgurudev for   giving  “sarswati beej mantra”  for  your child and  than ask your child  to memorise.
 If still you want  /face  some hesitation than  have the ayem beej mantra sadhana cd and  in that Sadgurudev  voice the mantra   is there,  so   ask your children to learn/memorize that , but one who  is  doing this sadhana he has to fallow the bramhchary in that period.

   

                                                                                               
 ****NPRU****   

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