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Thursday, October 6, 2011

To have secure domestic life even in time of currently highly volatile financial circumstances :


रोज़  रोज़  आने वाली मंदी के  कारण हम सभी कि नीदे उडी रहती हैं कि हमारे जॉब का क्या ,,हमारे  घर का क्या   और  हम और हमारे पत्नी  और  बच्चो  का  भविष्य का  क्या होगा  ,सभी आश्वासन देते  हैं कि कहीं कुछ   न होगा  पर ,, हम भी  तो जानते हैं कि क्या   हो सकता  हैं   तो क्या   साधना  कुछ हमारी  हिम्मत बढाती हैं , हैं कोई ऐसी साधना ......
उपनिषद  कार  कहता  हैंकि  अन्न  ही  ब्रम्ह  हैं , और वेसे भी  हम सभी का जीवन जीने  के लिए  सामान्य आवशयकता    तो यही  है  न "रोटी  कपडा और मकान "  इसमें भी पहले स्थान  में  रोटी ही  हैं और कितने सारे लोग का  जीवन सिर्फ " दो  वक्त  की रोटी "   के लिए  ही होता  हैं,  और कितने  तो सिर्फ   यह कह  ते  पाए जाते हैं  की  किसी  तरह  "दो वक्त की दाल  रोटी"  बस चलती   जाये .
  जीवन में  उच्चता  के सपने  या   उसे लक्ष्य बनाना   एक  अलग   ही बात  हैं पर  पहले  यह   जो शरीर मिला  हैं इसकी    भी  नुन्यतम  जरूरते   भी  तो पूरी हों चाहिए ..
क्यों  पहला  सुख "निरोगी काया "  हैं यहाँ   पर  यह समझना   होगा   की निरोगी से केबल  मतलब  रोग   रहित  नहीं बल्कि स्वस्थ पर  पुष्टि  दायक शरीर  भी तो हो,  अन्यथा भला क्या  फरक   पड़ेगा.
तो कौन   सा ऐसा स्वरुप  हैं  जो सारे   जगत का  भरण पोषण करता  होगा  .तो हम सभी जानते हैं की वह तो एक मात्र   माँ भगवती पार्वती का स्वरुप हैं जिसे  "माँ अन्नपूर्णा "    कह कर संबोधित किया गया हैं.  इस स्वरुप की खास  बात यह  रही हैं  की इन्होने  भगवान्  शंकर तक  कि झोली  अन्न से भरी हैं , और आज भी काशी वनारस   में इनका का आधिपत्य  माना जाटा  हैं, कहा  तो यहाँ   तक गया हैं की   हैं की  की वहां पर कोई भी भूखा  नहीं सोसकता   हैं, कितने  ने  महायोगी ,  फिर    उनमे वामाखेपा से ले कर आदि शंकर आचार्य     भी शामिलहैं   ने  इस सत्य   का अनुमोदन किया  हैं.
 और सदगुरुदेव    जी ने  "अन्नपूर्णा  साधना "  नाम से  एक अति उच्चस्स्तरीय साधना   अपनी  पत्रिका  में  दी हैं "उसमे  स्वामी शिवानंद जी का  उल्लेख हैं    जिन्होंने  यह साधना   सदगुरुदेव के निर्देशन में सफलता  पूर्वक की हैं ,  और  इस  बारे में सदगुरुदेव  जी ने  यहाँ तक कहा  हैंकि दस महाविद्या  स्वतः  ही  सिद्ध  हो जाती हैं और साथ  ही साथ   सीधे    ही सिद्धाश्रम  जाने  कि भाव भूमि बन जाती हैं.
 तो फिर  आगे के  लिखा  हैं इन साधना के बारे में.. पर एल लम्बी   की साधना   को मनोयोग  कितने कर पाएंगे,,,
  तो इसी बात को ध्यानमे रखते हुए   एक सरल सा प्रयोग    जो आपके  घर  के धन  धान्य  को हमेशा भरा रहेगा  तो क्यों नहीं   आप इस साधना को कर के   ही स्वयं और ओर  अपने परिवार को   को तो  आप सुरक्षित कर पायेंगे  यह मंत्र तो अनेक  जगह  मिलता  हैं पर लोग इस मंत्र का महत्त्व  नहीं समझ पाते  हैं,

 तोक्यों नहीं एक बार तो जल्दी से जल्दी से इस प्रयोग  को   करे,

मंत्र "
ॐ नमो  आदेश गुरु  को  ,गजानन बीर बसे मसान,अब   तो रिद्धि का  वरदान
जो  जो  मांगू सो  सो आन ,पांच  लड्डू  शिर  सिंदूर हाट बाट की
माटी मसान   की,शेष  रिद्धि सिद्धि   हमरे पास  पठेव
शब्द सांचा  फुरो मंत्र  इश्वरो वाचा ||

साधारण नियम इस  प्रकार हैं की
१.कुछ  गरीब लोगों को  खाना  खिला  दे
,पर यह  ध्यान  रहे  की उनके खाने  में लड्डू जरुर  हो और  उन मे से पांच  लड्डू को निकाल  कर अलग रख  ले,
३.इन  पांचो  लड्डू   पर सिंदूर चढ़ा कर , गणपति पूजन करे
४.  फिर एक कलश   में एक लड्डू   डाल ले  और साथ में चारो लड्डू को ले  जाये , फिर इसी मंत्र का  उच्चरण करते   हुए  कलश में जल किसी   कुए  से भरे,   चारो लड्डू को कुए  में फ़ेंक दे.
, घरपर आ कर  इस कलश  को स्थापित करके  पूजन करे  अब इसके सामने १००० मंत्र  करे ,
, अब आप  एक दो /तीन  जितने संभव  हो ब्राहमण   को सम्मान पूर्वक  बुला  कर  पूर्ण  आदर  के साथ  भोजन कराये .
, जप के समय कोई भी आसन ले सकते हैं
८ कोई भी माला / समय का भी कुछ  नहीं  हैं , वस्त्र  किस भी रंग   के  हो सकते हैं वेसे साधरण तः नियम  तो यही हैंजहाँ पर इनसबके बारे में  कुछना  दिया    हो उसे पीला  रंग का  ही माने .
 यह प्रयोग कई जगह  आया  हैं  पर  इसे  एक बार  मनो  योग से करके  देखें   तो सदगुरुदेव  के आशीर्वाद से  आपके  धनधान्य में कोई  कमी नहीं  रहेगी .....
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    Every day we are getting the news of   coming recession / mandi  and we  are very  worried what  will happen to   our  job ,  about  our  home,, and about   wife  and children,   and every  top one assured    saying that have  faith nothing  worst will be expected,, but we already  know   the reality, is there any sadhana  which  gives us security  .. yes
  Upnishdkaar says that  ann  is brahm , and   the  basic minimum need is  “roti kapda  aur makan “   here also  roti comes  first and  many  person  really struggling hard   for  hand to mouth.
 To have  very  big aim ,is also justified if  we have   little  bit  such a  security, since basic minimum  need of body also needs  to be  fulfilled,
  As  you all are aware that the first  such   happiness is  having the  healthy body  , that  does not means only that    dieses free life  but  little bit  more than that.
Which swarup /form  of  mother divine   who are  fulfilling the  basic need of every one,  and that is annpurna sadhana   that is also another  form of ma Parvati,.  This  form is having   so much power than once she  herself  give  bhiksha   to bhagavaan  shiv,  even  the city of kashi/banaras  still consider    under the lordship  of ma annpurna  and its believe  that no one  can sleep empty stomach there, and  truth   has been verified many prominent personality like  vaam khepa  to adai shakarachary.
Sadgurudev also  mentioned about his sadhana  in that he mentioned a  yogi named  swami shivanand , and  he said  that   all the ten maha vidya   is  self siddh to  the  person, once a person get siddhi in this sadhana  and  a way to siddhashram is  cleard  ,,
 How many person are  able  to complete this sadhana of  with full devotion,
  Keep it in mind   this , here one such a small  prayog,   that will  always  gives its  blessing  so that all   type  material happiness  available  in  your home.
And  here Is the  opportunity   if  just  doing this   prayog   the security of   your domestic life is secured than,,,

Mantra :

Om  namo  aadesh  guru ko ,gajanan  veer  vase masan ,ab to riddhi ka vardaan
Jo jo mangu   so  so aan ,pancg sindur  haat  baat   ki
Mati masan ki  shesh riddhi  siddhi  hamre  pass pathev
Shabd sancha  furo mntra  ishwaro vaacha||

The general rules are as follows,
Offer foods  to some  needy people
And in that laddu will be  one item(must)
Before  offering the  food  to them take  out five  laadu  a side, apply sindur  to them and  do poojan of  lord  ganpati of them.

Put one laddu in kalash and while chanting   fill the water in that kalash from any well and throw   remaining four laddu to that well,
Have sthapan of this kalash  and  do poojan and also  do jao p of 1000 times the  mantra  and after that  offer   food  to some  Brahmin ,
There is no restriction of mala  aasan and other things , but  if possible  where  theses items  has not  been given than  yellow colored  dhoti .aasan can be  consider  good.
And  with the blessing of Sadgurudev the financial  security of your family  will always be financially healthy .

****NPRU****

1 comment:

Nikhil Devraj said...

thanks bhai, for publishing this important sadhna :)