There was an error in this gadget

Friday, January 4, 2013

ITAR YONI RAHASYA AUR KARN PISHACHINI VARG SADHNA RAHASYA SEMANAAR - 5



There are many techniques in sadhna path and each of them is important in different contexts. But some procedures are precious and one of such precious procedure is Sabar padhati i.e. doing sadhna through mantra of Sabar padhati. Sadgurudev has said at one place that “ If you get one sadhna in two padhatis and if you have option to choose then always choose Sabar Padhati sadhna. And this fact carries a lot of weightage since attaining success in sadhna at any cost is objective of any sadhak. For this purpose only, he puts so much of hard work and mantra of Sabar Padhati makes this task very much easier.”
One would have witnessed the effect of these mantras (which are in vogue today due to efforts of Guru Gorakhnath) some time or the other because at many places you can find the person who are well acquainted with these mantras. May be these sadhnas are simple but by which padhati they are being done, many things depend on it.
Today in market there is available thousands of Sabar Mantra and daily, a new book comes in market full of these mantras. Some books are very cheap and some…..? But here one question arises again that has writer really done the sadhna mantra given in book himself? Or what is the authentic source from which he has compiled or if there are any defects in them? And what is its solution?
Is writer aware of all these facts or? And this will become a new problem.
In the similar manner, this applies to many mantras and their sadhna procedure. Many times “Aatm Aavahan” which can be one part of this subject, is done by many people and what should be the precautions and which procedure should be followed so that there should not be any problem. But how many know that there have been so many techniques, one better than other given by Sadgurudev. But where are these among lakhs of sadhna given by him? Who know it and what happened with hundreds of cassettes, today those precious discourse are not available. Otherwise today’s situation could have been altogether different.
In this seminar, we will elaborately discuss the fact that what are various Sabar Padhatis available on these subjects? And what modifications need to be done in them today? And how some sadhnas (relevant to today) can be accomplished very easily with Sabar Padhati.? Here one thing has to be understood that easily does not mean that one need not to do sadhna rather one has to do sadhna but the procedure will not be difficult. There is every type of sadhna available in sabar sadhna from MahaVidya to all categories but today, Mantras of some of them are available but procedures are not available. This is so as to avoid their misuse.
But the seminar which we are talking about, we will put forward some sabar procedures too which will be pertaining to only this subject i.e. subject of seminar. Definitely it will not happen that seminar is on Itar Yoni and we are discussing about Mahavidya. So all the subject which will be told in this seminar or which will be discussed , sadhna sootras related to Sabar padhati will also be related as far as possible so that you just not only listen but also do sadhna yourself with authenticity.
And these procedures are amazing where there is only and only success if someone learns basic secrets of these procedures and does sadhna with full concentration and with complete trust on Sadgurudev. These few things are precious. To add to that, when mist of fear on such hidden subject will be cleared then how much easy it will become for sadhak to put hard work and attain success in these sadhnas?
There is so much left to say and write. When such golden opportunity is coming your way where you can learn about sadhna sootras that too of sabar padhati then what is needed is that we understand the significance of this opportunity. Not only this….

Specialty of unparalleled Maha yantra and quality and effect of many yantras included with in it which will be made available in this seminar is amazing. Those who understand the importance of this yantra, they have already started putting efforts to procure one copy for them. Just knowing procedures will not be enough till the time one attain the authentic sadhna articles. Then it is up to you that when and how you use that yantra. But one should have this very special yantra. Let the full description of this yantra come then you yourself will feel that it is excellent example of amazingness and divinity.

To be continued….


-()()()()()()()()()()()()()()()()()()()()()()()()()()()()()()()-
 
साधना मार्ग मे  अनेको प्रविधियां हैं और उनका अपनी अपनी जगह एक अपना अर्थ भी पर कुछ विधियाँ पाने आप मे  अनमोल हैं और इन कुछ अनमोल विधि मे  से एक हैं  साबर पद्धिति  से  अर्थात साबर पद्धिति के मंत्रो से साधना को सम्पन्न करना .एक स्थान पर सदगुरुदेव कहते  हैं “की अगर कोई भी दो पद्धति एक  ही साधना की मिले  और उनमे  चुनने का अवसर  हो तो हमेशा  साबर पद्धति   की ही साधना चुनना .और यह बात अपने  आप मे  बहुत अर्थ रखती हैं क्योंकि साधना मे सफलता पाना  वह भी हर हाल मे एक साधक का लक्ष्य होता हैं .और इसी के लिए  तो वह इतना मेहनत करता हैं  और साबर पद्धति के मंत्र यह कार्य बहुत आसान कर देते हैं .”
गुरू गोरखनाथ के माध्यम से आज के समय मे प्रचलित, इन मंत्रो का प्रभाव तो सभी ने कभी  न कभी महसूस किया  ही होगा  क्योंकि इन मंत्रो के जानकार अनेक जगह पाए  जा सकते हैं.भले ही यह साधनाए  सरल हो पर किस पद्धिति से की जा रही हैं उन पर बहुत हद तक अनेको बातें निर्भर करती हैं .
आज कल बाजार मे  हज़ारों की तादाद मे  साबर मंत्र उपलब्ध हैं और रोज रोज  एक नयी किताब इन मंत्रो से आपूरित बाजार मे  आ जाती हैं ,कुछ किताबे अल्पमुल्यीय  हैं,   तो कुछ  ..?पर यहाँ पुनः  एक प्रश्न  उठता हैं की क्या  सच मे उन किताबों मे दिए गए  साधना मंत्र उस लेखक ने खुद भी किये हैं? या  किसी  प्रामाणिक स्त्रोत से  संकलन किया हैं और क्या उनमे कहाँ कहाँ क्या  कमियां हैं? और उनका निराकरण क्या हैं?
इससे  लेखक महोदय स्वयम भी परिचित हैं या ? .और यह तो एक  नयी समस्या  हो जायेगी .
इसी तरह बहुत सारे मंत्र और उनकी साधना विधि की बात  हैं .अनेको बार “आत्म आह्वान” भी जो की इन विषय का एक भाग  हो सकता हैं,बहुत लोग करते हैं,और क्या क्या सावधानी रखना चहिये  और कौन सी विधि का पालन करें की समस्या किसी भी प्रकार की हो ही न.  पर कितनो को पता हैं की सदगुरुदेव द्वारा प्रदत्त  एक से एक बढ़कर  प्रविधियां रही हैं,पर उनके  द्वारा दी गयी लाखों साधनाओ मे अब वह कहाँ हैं.? किसे मालूम  और जो सैकड़ों कसेट्स के साथ  हुआ.  आज वे अमृत वचन उपलब्ध ही नही हैं  अन्यथा  आज स्तिथि  क्या होती  सिर्फ सोचा जा  सकता हैं .
इस सेमीनार मे हम इस बात  पर भी पूरा विचार विमर्श करेगे की क्या क्या साबर पद्धतियाँ हैं इन विषयों पर ? और उनमे आज क्या क्या परिवर्तन करना पड़ेगा?  और  कैसे आज के समयानुकूल  कुछ साधनाए  तो साबर पद्धति से  बहुत आसानी से  सिद्ध की जा सकती हैं .यहाँ इस बात को भी समझना हैं की आसानी  से मतलब यह नही की बिना साधना किये बल्कि साधना को करनी पड़ेगी  पर प्रक्रिया कठिन नही होगी  और साबर साधना मे  तो हर प्रकार की साधनाए हैं,  महाविद्या से लेकर  सभी वर्ग की पर आज, कुछ के मन्त्र  तो उपलब्ध हैं पर उनकी विधियाँ नही. वह इसलिए की  उनका  दुरूपयोग न हो सकें .
पर हम जिस सेमीनार की बात कर रहे हैं हम आपके सामने  कुछ साबर विधि भी रखेंगे जो की केबल इसी विषय पर होगी मतलब सेमीनार  के विषय पर .निश्चय ही ऐसा नही होगा की सेमीनार हैं इतर योनियों के  ऊपर और बात महाविद्या की हो  रही हो.तो जो भी विषय इस सेमीनार मे बताये जायेंगे या जिन पर भी  चर्चा होगी उनमे जितना संभव हैं आपके  सामने साबर पद्धिति से सबंधित साधना सूत्र भी रखें जायेंगे ताकि सिर्फ  आप सुनकर  ही नही बल्कि स्वयं भी इन साधनाओ को प्रमाणिकता से  कर भी पाए .
और इन विधियों  की बात ही निराली हैं, जहाँ सिर्फ सफलता ही हैं. अगर इन विधियोंके मूल रहस्यों को जान कर कोई भी साधना एकाग्र भाव और अपनी सदगुरुदेव सत्ता पर  पूरा विश्वास  रखकर साधाना करता  हैं तो क्योंकि यह कुछ बातें  तो अनमोल  हैं .इनके साथ जब  अर्थात इतने गोपनीय विषय पर से भय का कोहरा हटाया  जायेगा  तब  फिर इन साधनाओ को एक साधक के लिए  स्वयम मेहनत करके  सफलता अर्जित करना  कितना कठिन रह जाएगा ????.
बहुत कुछ अभी भी कहना और लिखना बाकी हैं  तो जब ऐसा सुनहरा अवसर मिल रहा हो जहाँ इस विषय पर साधनाए के  सूत्र वह भी साबर पद्धति वाले  तो  इस अवसर की महत्वता समझने की हैं.और सिर्फ इतना ही क्या ऐसा नही हैं .
इस सेमीनार मे  उपलब्ध होने वाले अद्वितीय महायंत्र की विशेषता  और उसमे सम्मलित अनेको यंत्रों के गुण और प्रभाव की  बात ही निराली हैं ,और जो यह समझते हैं की कैसा  दुर्लभ यह यन्त्र होगा  उन्होंने  तो अभी से प्रयास कर इस यन्त्र को एक प्रति अपने लिए उपलब्ध करने के लिए कोशिश  कर दी हैं .क्योंकि सिर्फ विधियाँ जानने से  क्या  होगा ??,जब तक प्रमाणिकता के साथ  उन साधनात्मक उपकरणों को प्राप्त भीकर ही लिया  जाए .फिर  तो यह आप  पर हैं की आप  कब और कैसे इन यन्त्र को उपयोगित करते  हैं पर यह अति विशिष्ट यन्त्र   तो आपके पास होना  चाहिए  ही और  इस यन्त्र का पूर्ण विवरण आने  तो दें आप स्वयम अनुभव करेंगे की क्या अद्भुतता  और दिव्यता का यह एक अनुपम उदाहरण हैं .

क्रमशः

****NPRU****

No comments: