Wednesday, February 13, 2013


Satyam Shivam Sundaram is one of the fundamental sentences of Indian culture but it is also true that if good-fortune gets connected to beauty, it will be like icing on the cake. And how can any situation of life be joyful without good luck? Actually, situations have been transformed in today’s era such that real beauty has been lost somewhere. Definition of beauty which we have thought in our mind, it could not have been imagined by our sages because we have confined its definition to physical aspects only and made it one-dimensional. Entire world is filled up in definition of beauty element since the thing which is novel each moment can be contained in definition of beauty. The one which is melodious, which can imbibe life in true sense with novelty is beautiful. But how much it is possible in today’s era? After striving hard the whole day, person finds that beauty element has gone missing from his life and when luck gets link to beauty element, then each moment and every day become cheerful and joyful. It has also been said that the thing which good time or luck can do for you, even combination of thousands of person cannot do it for you.
Following are the benefits of this sadhna
      This sadhna is capable of transforming ill-fortune of person into good-fortune.
      It gets rid of shortcomings like melancholy in life, persistence of negative thoughts, not able to concentrate in any work and make life cheerful.
     This sadhna is capable of adding flavor to stale life..
      This sadhna is helpful for progression in fortune.
    This sadhna is capable of providing job and promotion in job..
      This sadhna can make family life cheerful.
      Fate has an important role to play in success of sadhnas. This sadhna is capable of transforming the fate of sadhak for this purpose too.
Seen in this manner, in all the melodious and joy-providing aspects of life, beauty and good-fortune has got an important place which could not be considered inferior anytime.
22 March is not only tenth day of Shukl Paksha but along with being a Friday, it falls on Pushp Nakshatra and presents an amazing coincidence to provide beauty and strength to life. That too, in middle of Mahashivraatri and Holi, getting such a yog is like opening doors of luck in life for a sadhak.Now who would like to miss tehse divine moments?
Articles required in this sadhna are
      Soundarya Lootika Prabheda Mahayantra.
  Agate stone accomplished by accomplishment-providing Soundarya mantras. 
Not only are we providing these two articles as gift rather we will also bear the expenses of sending them to you. Mantra which needs to be chanted with this sadhna will also be made available along with yantra.         
When you will see the composition of this yantra, presence of 4 different beej mantra on its 4 corners is an amazing composition in itself. Filled with 8 petals of lotus, this divine yantra is capable of providing 8 accomplishments (capable son, capable wife, best home, fame, money, respect, complete life and capable body) of materialistic life. Having such divine yantra in sadhna room is like opening doors of good-fortune.
This easy sadhna is only of 3 days. After taking bath in night after 10:00 P.M, wear clean red dress, sit on red aasan and keep yantra and agate stone in front of you. Take the resolution and start the procedure. You just have to chant 5 rounds of mantra on each night. Every day’s mantra jap has to be dedicated to lotus feet of Sadgurudev Ji and take his blessings for success in sadhna.
Moonga rosary has to be used for chanting.
After completion of sadhna, keep sadhna yantra in worship place. Just chant mantra few times daily so as to imbibe the energy produced by this procedure. When you are getting such rare sadhnas in month of March, will you still think? One has to make use of this opportunity of transforming fortune.
It is our endeavor and intention that all of you get joy, good-luck and wealth in life so that you can move ahead on sadhna path with heart, mind and soul. As per ideals of Sadgurudev, not only you become financially strong but strong in all the respects.
Those who want to do sadhna, they can contact on   
Decision to do sadhna is all yours.
After all this precious life is all yours…..

सत्यम शिवम् सुन्दरम तो भारतीय संस्कृति के आधारभूत वाक्यों में से एक हैं, पर यह भी सत्य हैं की सुन्दरता के  साथ सौभाग्य भी जुड़ जाए तो सोने में सुगंध जैसी अकल्पनीय अवस्था मानो साकार सी हो जाए और बिना   सौभाग्य के भला जीवन की कोई भी स्थिति सुखकर कैसे हो सकती हैं?,वास्तव में आज के जीवन में जिस तरह से  परिस्थतियों का परिवर्तन हो रहा हैं उसमे वास्तविक सौन्दर्य तो कहीं खो सा गया हैं.आज सौन्दर्य  की परिभाषा जो हम सबके मानस में हैं वह तो हमारे मनीषियों ने सोचा भी नहीं रहा होगा क्योंकि क्योंकि हमारी परिभाषा सिर्फ  देहिक तक सीमित होकर एकांगी सी हो गयी है, जबकि इस सौन्दर्य तत्व की परिभाषा में तो सारा विश्व समाया हुआ हैं क्योंकि जो नित नूतन हैं वही ही सौन्दर्य की परिभाषा में सहज समा सकता हैं. जिसमे रस हैं, जिसमे नूतनता के साथ जीवन को सही अर्थो में आपने को आत्मसात करने की भावना हो, वही ही तो सौन्दर्य का एक अर्थ हो सकता हैं, पर आज की परिस्थति में यह संभव सा कहाँ हैं ? दिन प्रतिदिन की जी तोड़ मेहनत के बाद  व्यक्ति  पाता हैं की उसके जीवन से सौन्दर्य तत्व कहीं खो सा गया हैं और इसी  सौन्दर्य तत्व के साथ जब सौभाग्य भी जुड़ जाता हैं. तब  हर पल, हर दिन अपने आप में उल्लासित और उमंगमय हो जाता हैं क्योंकि यह  कहा भी गया हैं की जो  एक अच्छा समय या भाग्य आपके लिए  कर सकता हैं वह हज़ार लोग मिलकर भी आपके लिए  नहीं कर सकते हैं.
इस साधना के  निम्नलिखित लाभ हैं.
·      व्यक्ति के  दुर्भाग्य को भी सौभाग्य में बदल सकने में समर्थ, यह साधना हैं.
·      व्यक्ति के जीवन में से उदासी,ऋणात्मक विचारों का लगातारबने रहना,किसी भीकार्य में मन नहीं लगना,जैसी कमियों को दूर करके उसका जीवन प्रसन्नता युक्त बना सकने में समर्थ, यह साधना  हैं.
·      नीरस जीवन में भी रस युक्तता के अन्य आयाम खोल सकने में समर्थ, यह साधना हैं.
·      भाग्य उन्नति में सहज सहायक हैं, यह साधना.
·      नौकरी प्राप्ति और प्रमोशन प्राप्ति में भी अनुकूलता प्रदान कर सकने में समर्थ हैं, यह साधना.
·      परिवारिक जीवन में आनंदमयता के नए द्वार खोल सकने में समर्थ यह साधना हैं.
·      साधनाओ में भी सफलता प्राप्ति में भाग्य का एक अपना ही हाथ हैं और यह साधना साधक के भाग्य को  इस हेतु भी अनुकूल कर सकने में  समर्थ हैं.
इस तरह से देखा जाए  तो जीवन की जितने भी माधुर्य और रस युक्त और आनंद प्रदायक पक्ष हैं उन सभी में  सौभाग्य और सौन्दर्य का अपना ही एक अर्थ हैं जिसे कभी भी कम नहीं आंका जा सकता हैं.
मार्च महीने में  २२  तारीख को शुक्लपक्ष  की न केबल दसवीं तिथि हैं बल्कि शुक्रवार के साथ साथ पुष्य नक्षत्र का संयोग जीवन में पुष्टि प्रदाता होने के साथ साथ, जीवन में यदि सौन्दर्य और पुष्टि  प्रदान करने का  अद्भुत संयोग निर्माणित हुआ हैं.वह भी महाशिवरात्रि और होली के मध्य, एक ऐसा  संयोग तो मिलना  साधक के लिए सौभाग्य के द्वार ही खोल देने के लिए उपलब्ध हुआ हैं.अब भी क्या कोई एक ऐसे  देव दुर्लभ क्षणों को खोना चाहेगा ?
इस साधना  में  जिन  उपकरणों की आवश्यकता  होती हैं
वह हैं
·      सौन्दर्य  लूतिका प्रभेदा महायंत्र
·      सिद्धि प्रदायक सौन्दर्य मंत्रो  से  सिद्ध हकीक पत्थर  
          यह  दोनों उपकरण हम आपको उपहार स्वरुप  निशुक्ल प्रदान  करने  जा रहे हैं. बल्कि आपको भेजने में  लगने वाला व्यय भी हम ही सहर्ष उठा रहे हैं.आपको इस साधना में जिस मन्त्र का जप करना हैं वह  हम इस  यन्त्र के  साथ ही आपको उपलब्ध कर देंगे .
आप  इस  यन्त्र का जब विन्यास  देखेंगे तो इसके चारों कोनो में, चार विभिन्न बीज  मंत्रो का अंकन, अपने  आप में  ही एक अद्भुत विन्यास हैं और अष्ट कमल दल से युक्त यह दिव्य यन्त्र अपने आप में, जीवन  की भौतिक अष्ट सिद्धि (योग्य पुत्र, योग्य पत्नी, श्रेष्ठ भवन, यश,धन,राज सम्मान,पूर्ण आयु और योग्य शरीर) प्रदान करने  में  समर्थ  हैं .एक ऐसा दिव्यतम यन्त्र आपके  साधना कक्ष में  होना  ही एक  सौभाग्य के द्वार खोलने जैसा हैं.
यह सरल साधना  मात्र तीन दिन की हैं, और रात्री में १० बजे  के  बाद स्नान  कर स्वच्छ लाल धोती धारण कर   लाल रंग के आसन पर बैठ कर अपने सामने यह यन्त्र और हकिक पत्थर रखकर, संकल्प लेकर प्रक्रिया  समपन्न  करें.और आपको केबल पांच माला मंत्र जप हर रात्री में आपको करना हैं,हर दिन का मंत्र  जप आपको सदगुरुदेव जी के श्री चरणों में समर्पण करना हैं और उनसे इस साधना में  सफलता प्राप्ति का आशीर्वाद की आप कामना करें.
इस मन्त्र जप हेतु आपको मूंगा माला से करना  हैं.
साधना पूर्ण करने के उपरान्त आपको इस साधना यन्त्र को अपने पूजा स्थान  पर ही रहने देना हैं.और प्रतिदिन  कुछ मंत्र जप करते रहने से इस प्रक्रिया से उत्पन्न उर्जा प्रवाह को आप में और भी आत्मसात करने  में सहायक होगा.अब मार्च के  इस महीने में जब ऐसी दुर्लभ साधनाए आपको उपलब्ध होने जा रही हैं तब आपको क्या  अब भी कुछ सोचना हैं क्या? बल्कि भाग्य सवांरने के जो भी साधना प्रयोग अवसर मिल रहे हैं उनका तो लाभ आपको लेना ही चाहिए .  
इस तरह से हमारा यह प्रयास और भावना यही हैं की आप सभी के  जीवन  में  सुख सौभाग्य,धन संपत्ति का आगमन संभव हो,जिससे की आप और भी अधिक मन, प्राण से इस साधना  क्षेत्र में गतिशील  हो सकें.सदगुरुदेव जी के दिखाए गए आदर्श अनुरूप आप सभी न केबल आर्थिक बल्कि समस्त दृष्टी से सुखी संपन्न हो सकें.यही हमारी मूल भावना हैं.
जिन्हें  साधना यह करनी हो वह   पर संपर्क कर सकते हैं .   
अब निर्णय साधना करने  का  आपका हैं.
आखिर यह बहुमूल्य  जीवन भी तो आपका ही हैं ...   

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