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Monday, June 4, 2012

Yatra Stambhan Yantra Sadhna Prayog (यात्रा स्तम्भनं यन्त्र साधना प्रयोग ... )


Journeys give us an opportunity to learn so much in our life. Not only it introduces us to new people, new places but it also introduces person to the various realities of life. On the other hand, in modern society and surroundings the life style has become such that it has become quite normal for dispute to happen on trivial-2 things.
But now not only children, elders also become unhappy with any of the matter and leave the home in anger or may leave. Most of us read this type of news. But the problem is how to stop it.
Is there any remedy by which if we have already known the intention of any person to leave the home then we can stop him/her from taking such step? Because if this type of step has been taken, then it becomes quite difficult to bring that person back. But this is necessary also since every person has got its own importance in his family which may not be realized in normal course but we realize it once he/she has gone.
There are various prayogs in field of sadhna but they are very effort consuming and contain many rules. But there is one easy prayog in Yantra Vigyan to resolve this problem.
You can do this easy prayog at the time of your need.
On any auspicious day, you can make this yantra.
You should make this yantra after taking bath.
You have to write the name of person in middle of yantra.
For getting success in prayog, consider the Sadgurudev poojan and Nikhil Kavach in beginning and end as an essential element.
For making yantra there is no restriction on dress and aasan etc.
Make this yantra on small wooden block with Khadiya clay or chalk. Invert this yantra and hang it in the midpoint of your home. Worship it with dhoop and deep.


If the person has already left the house, he/she will come back and if he/she is trying to leave, he/she will not be able to leave.
When the prayog is successful, immerse this yantra made on wooden block in clean flowing water.
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यात्राये जीवन मे  बहुत  कुछ सीखने का मौका  देती हैं , न केबल नए  नए  लोगों से ,स्थानों से  व्यक्ति  का परिचय कराती हैं   बल्कि  जीवन की अनेक सच्चायियो  से व्यक्ति  का सामना भी करवाती हैं .वही  दूसरी   ओर आधुनिक  समाज  या परिवेश मे  ऐसी  जीवनशैली भी ऐसी   हो गयी हैं .की अनेको बार   सामान्य सामान्य  सी   बात  पर  मन मुटाव  हो जाना   सामान्य  सी  बात   हो गयी हैं .
  पर  कभी  बच्चे  ही नही ,बड़े भी न जाने कौन सी  बात  पर   नाराज  हो कर   रुष्ट हो कर ,घर से  ही चले  जाए या चले जाते  हैं  हममे से  अनेक  इस  प्रकार की घटनाये  पढते रहते   हैं .पर यह समस्या  हैं कि इन्हें  रोका कैसे जाए .
 क्या कोई  उपाय हैं या   घर के किसी  व्यक्ति के बारे मे  मालूम चल   गया   हो   की  यह घर छोड़कर जाने की कोशिश मे हैं   तो उसे  इस कदम को उठने से कैसे  रोका जाए . क्योंकि एक बार   इस प्रकार  के  कदम  उठ   जाने के बाद  बहुत मुश्किल  होती हैं व्यक्ति को  वापिस  लाने मे ,पर  यह भी जरुरी  हैं क्योंकि   हर व्यक्ति की अपनी  ही एक अहमियत    उसके परिवार मे होती हीं जो भले  ही नज़र न आये पर उसके  जाने  के   बाद ,ही  पता चलती हैं .
साधना  क्षेत्र  मे अनेको  प्रयोग  हैं  पर  वह सभी बहुत  विधि विधान युक्त हैं या     श्रमसाध्य  हैं .पर इस समस्या  के  हल के लिए  एक बहुत सरल  सा प्रयोग   यन्त्र  विज्ञानं मे   हैं .
·       आप सभी  इस सरल  प्रयोग को  जब भी आवश्यकता  यदि   पड़ती हैं तो   कर सकते हैं .
·       किसी भी शुभ  दिन इस  यन्त्र  का निर्माण कर सकते हैं .
·       निर्माण करते  समय स्नान  आदि से  आपको स्वच्छ   होना चाहिये .
·       यन्त्र  के मध्य मे  व्यक्ति का नाम   लिखना   हैं .
·       प्रयोग की सफलता  के लिए  प्रारंभ मे  और अंत  मे सदगुरुदेव पूजन   और निखिल कवच   को एक अनिवार्य  अंग   ही माने .
·       यन्त्र  निर्माण के  दौरान ,वस्त्र  और  आसन आदि पर कोई भी प्रतिबन्ध नही   हैं .
·       लकड़ी के  छोटे से  टुकड़े पर यह  यन्त्र  आपको    खडिया  मिटटी  या चाक  से बनाना   हैं और  इस  यन्त्र  को ठीक उलटा  करके  अपने  घर के मध्य स्थान पर लटका   दे  और    धूप दीप  आदि से पूजन करें .

अगर वह व्यक्ति  घर से बाहर  चला  गया   हैं तो  लौट आएगा  या  फिर   यदि जाने की कोशिश मे  हैं तो नही जा  पायेगा .
प्रयोग  जब  सफल   हो जाए  तब  इस लकड़ी  पर  बने यन्त्र  को  किसी भी स्वच्छ   बहते पानी मे   प्रवाहित कर सकते हैं

****NPRU****

1 comment:

MUKESH SAXENA said...

amezing,bahut hi saral but mahatvapoorn prayog hai.thanks for ....this important and easy prayog.